कसौली छावनी परिषद में मचा बवाल

कसौली छावनी परिषद में मचा बवाल
कसौली (सोलन)। कसौली छावनी बोर्ड में उपाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस घटनाक्रम ने बवाल खड़ा कर दिया है। 2 सितंबर को परिषद की बैठक में उपाध्यक्ष ने विकास कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग उठाई थी, जिसकी सुनवाई न होने पर उन्होंने हाउस से वाकआउट किया।
उपाध्यक्ष के इस कदम पर बोर्ड अध्यक्ष ने नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है अन्यथा सदस्यता भंग करने की चेतावनी दी है। वहीं नोटिस पर उपाध्यक्ष ने कड़ा एतराज जाते हुए जवाब देने के बजाय इस्तीफे तक की बात कह डाली है, साथ ही छावनी बोर्ड के विकास कार्यों पर सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि अगर सीबीआई विकास कार्यों की जांच करती है तो कई अहम राज खुलेंगे। लिहाजा इस मुद्दे को लेकर छावनी परिषद में माहौल गरमाने लगा है।
इस संबंध में छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष मनमोहन कंवर ने कहा कि विकास कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठन के मुद्दे पर वाकआउट करने में उन्हें कोई शर्मिंदगी नहीं है। विकास कार्यों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वे लिखित में स्पष्टीकरण से पहले इस्तीफा देना पसंद करेंगे। वहीं इस मामले में छावनी के सीईओ वरुण कालिया ने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उनके अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी करना प्रशासनिक कार्रवाई थी। जिसके चलते नोटिस जारी किया गया है।

व्यवहार देखकर जारी हुआ है नोटिस
छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जीएस रेड्डी के अनुसार बैठक में उपाध्यक्ष को लिखित में शिकायतों को देने को कहा गया था। उपाध्यक्ष ने अपमानजनक व्यवहार करते हुए कापी पेन फेंका और बाहर चले गए। इस व्यवहार के चलते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया कि उन्होंने ऐसा व्यवहार क्यों किया? बैठक में नियमों के अनुसार ही कार्य होता है और वे सभी पर लागू होता है। उपाध्यक्ष का पद गरिमापूर्ण होता है, जिसका ख्याल रखकर व्यवहार करना चाहिए।

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